नई दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस, आप और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने केंद्र सरकार पर राज्यपाल के माध्यम से संघीय ढांचे पर प्रहार करने और सीबीआई का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और आप सदस्यों ने अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी की। सदन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में कांग्रेस सदस्यों ने आसन के समीप आकर प्रधानमंत्री होश में आओ, लोकतंत्र की हत्या बंद करो के नारे लगाए। आप सदस्य भगवंत मान आपने हाथों में कुछ कागजात लेकर यह दावा कर रहे थे कि मंगलावार सीबीआई छापा मारकर इन फाइलों को ले गई। तृणमूल सदस्यों ने भी आसन के समक्ष आकर सीबीआई का दुरुपयोग बंद करो के नारे लगाए। हंगामे के दौरान ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे आप सदस्य भगवंत मान को पानी की पेशकश की। अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शोर शराबा कर रहे सदस्यों से अपने स्थान पर लौटने को कहा। उन्होंने कहा कि यह ठीक नहीं है कि इस तरह से आप आसन के समीप आकर हल्ला गुल्ला कर रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि अध्यक्ष ने इस बारे में व्यवस्था दे दी है और दूसरी बात यह है कि दिल्ली सरकार के उक्त अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप है, और उन्हें इस तरह से बचाना ठीक नहीं है। सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस सदस्यों ने इस विषय को उठाया और अरुणाचल प्रदेश में राज्यपाल के हस्तक्षेप पर गहरी आपत्ति व्यक्त करते हुए प्रदेश के राज्यपाल को बख्रास्त करने की मांग की। कांग्रेस सदस्य इस बारे में कुछ कहना चाहते थे लेकिन अध्यक्ष ने उन्हें उस समय इसे उठाने की अनुमति नहीं दी। कांग्रेस और आप के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। आप सदस्य भगवंत मान आसन के बेहद करीब आकर कुछ कागजात दिखाने लगे तब अध्यक्ष ने उनसे कहा कि आपका आचरण ठीक नहीं है, मैं आपको चेतावनी दे रही हूं। अध्यक्ष की चेतावनी के बीच तृणमूल के सौगत राय ने भगवंत मान को आसन से दूर रह कर विरोध जताने का संकेत किया। इसके बाद मान सत्ता पक्ष की सीट की ओर चले गए और प्रधानमंत्री की ओर पीठ करके नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस के कुछ सदस्य भी सत्ता पक्ष की ओर पीठ करके नारेबाजी कर रहे थे। इस पर भाजपा के गणेश सिंह और अजरुन राम मेघवाल ने उन्हें ऐसा करने से मना किया। अध्यक्ष के आग्रह के बावजूद कांग्रेस सदस्यों का हंगामा जारी रहा। शोर शराबे में ही अध्यक्ष ने प्रश्नकाल चलाया। कांग्रेसी, आप और तृणमूल कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी के बीच अन्य दलों के सदस्यों ने सवाल पूछे और संबंधित मंत्रियों ने जवाब दिये। इससे पहले अध्यक्ष ने कई सदस्यों के कार्यस्थगन के नोटिस को नामंजूर कर दिया और अन्य अवसर पर अपने मुद्दों को उठाने को कहा।
No comments:
Post a Comment