Wednesday, 16 December 2015

संसद नहीं चलने देने वालों को इतिहास माफ नहीं करेगाः जेटली

नई दिल्ली । वित्त मंत्री अरण जेटली ने आज कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह लगातार संसद में गतिरोध पैदा कर भविष्य में विपक्षी दलों के लिए गलत मिसाल कायम कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में सरकार वही निर्णय करेगी जो वह कार्यपालिका के आदेश से पूरा कर सकती है या वे धन विधेयक से जुड़े होंगे जिनके लिए राज्य सभा की मंजूरी अनिवार्य नहीं होती। कांग्रेस द्वारा लगातार संसद के दूसरे सत्र में राज्य सभा में गतिरोध पैदा करने और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने के लिए अतिमहत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के रास्ते में बाधा पैदा करने के नाराज जेटली ने कहा कि संसदीय प्रणाली का उल्लंघन करने वालों को इतिहास माफ नहीं करेगा। जीएसटी पर उद्योगपतियों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का कामकाज राज्य सभा में रोका जा रहा है फैसलों की भावी प्रक्रिया सरकारी निर्णयों और धन विधेयकों के जरिए होगी। धन विधेयक आम तौर पर कराधान, सरकारी व्यय या वित्तीय प्रभावों से जुड़ा है और इसे सिर्फ लोकसभा में पेश किया जा सकता है। यदि धन विधेयक को लोकसभा में पारित कर राज्य सभा में भेजा जाता है तो वह इसमें कोई संशोधन नहीं कर सकती। निचले सदन के अध्यक्ष द्वारा किसी विधेयक को धन विधेयक के तौर पर प्रमाणित किए जाने पर इसका सिर्फ लोकसभा में मंजूरी प्राप्त करना काफी होगा जिसमें बीजेपी का स्पष्ट बहुमत है। जेटली ने कहा यदि सिर्फ हल्ला-हंगामा कर सत्र-दर-सत्र, संसद को कामकाज नहीं करने दिया जाता है तो यह भविष्य में संसद और सारे विपक्ष के लिए सरकारी विधयी कामकाज के लिए मिसाल बनने वाला है।

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