पंचायतों मेंं भारी खींचतान मची हुई है, शपथ पत्र जमा करने के बाद दल बदल करने वालों का इस्तीफा माना जाएगा
सूरत। गुजरात के जिला-तहसील पंचायत में कांग्रेस की भव्य विजय हुई है। कुछ पंचायतों मेंं भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारोंं की संख्या लगभग बराबर है अथवा तो भाजपा को मामूली बहुमत हासिल है। ऐसी स्थिति में विजेता उम्मीदवारोंं को रोकने के लिए कांग्रेस नया प्रयोग अमल में लाने जा रही है। कांग्रेस चुनाव जीतने वालोंं से शपथ पत्र भराएगी। साबरकांठा जिले से इसकी शुरुआत हो गयी है। कांग्रेस के सदस्योंं द्वारा दलबदल न करने के लिए शपथ पत्र भराया जा रहा है। शपथ पत्र भरने के बाद दल बदलने वाले का इस्तीफा माना जाएगा। इससे दलबदल के तहत कार्रवाई तेजी से की जा सकेगी।
कुछ पंचायतों में भाजपा-कांग्रेस की जीत में मामूली अंतर है। भाजपा द्वारा जिला पंचायत पर कब्जा जमाने के लिए कांग्रेसी सदस्यों को प्रमुख-उपप्रमुख पद का लालच देकर तोड़ा जा सकता है। विजेता उम्मीदवार पांच साल तक पार्टी न छोड़ सकें इसे ध्यान में रखते हुए कांग्रेस द्वारा शपथ पत्र भराया जा रहा है। गुजरात मेंं एक राष्टï्रीय पार्टी द्वारा इस प्रकार का पहला प्रयोग किया जा रहा है।
सूरत। गुजरात के जिला-तहसील पंचायत में कांग्रेस की भव्य विजय हुई है। कुछ पंचायतों मेंं भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारोंं की संख्या लगभग बराबर है अथवा तो भाजपा को मामूली बहुमत हासिल है। ऐसी स्थिति में विजेता उम्मीदवारोंं को रोकने के लिए कांग्रेस नया प्रयोग अमल में लाने जा रही है। कांग्रेस चुनाव जीतने वालोंं से शपथ पत्र भराएगी। साबरकांठा जिले से इसकी शुरुआत हो गयी है। कांग्रेस के सदस्योंं द्वारा दलबदल न करने के लिए शपथ पत्र भराया जा रहा है। शपथ पत्र भरने के बाद दल बदलने वाले का इस्तीफा माना जाएगा। इससे दलबदल के तहत कार्रवाई तेजी से की जा सकेगी।
कुछ पंचायतों में भाजपा-कांग्रेस की जीत में मामूली अंतर है। भाजपा द्वारा जिला पंचायत पर कब्जा जमाने के लिए कांग्रेसी सदस्यों को प्रमुख-उपप्रमुख पद का लालच देकर तोड़ा जा सकता है। विजेता उम्मीदवार पांच साल तक पार्टी न छोड़ सकें इसे ध्यान में रखते हुए कांग्रेस द्वारा शपथ पत्र भराया जा रहा है। गुजरात मेंं एक राष्टï्रीय पार्टी द्वारा इस प्रकार का पहला प्रयोग किया जा रहा है।
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