ऑटो परमिट घोटाला केजरीवाल के खिलाफ सड़क पर बीजेपी (२८आरएस२३ओआई)
नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली में ऑटो परमिट घोटाले को लेकर बीजेपी ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी के कार्यकर्ता केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने उनपर पानी की बौछार की है। प्रदर्शन करने वाले ‘केजरीवाल इस्तीफा दो के नारे लगा रही है साथ ही बीजेपी परविहन मंत्री गोपाल राय का इस्तीफा मांग रही है। साथ ही बीजेपी ने तीन अफसरों पर कार्रवाई को नाकाफी बताया है। विजिलेंस विभाग इसकी जांच कर रहा है। आरोप है कि परमिट फर्जी पते पर और आप के कार्यकर्ताओं को ही बांटे गए हैं। भारतीय मजदूर संघ ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। दिल्ली में परिवहन विभाग से १० हजार ऑटो के नए परमिट जारी करने में गड़बड़ी का आरोप लगा है। २३ दिसंबर से अब तक जारी किए गए ९३२ लेटर ऑफ इंटेंट में नियमों की अनदेखी का आ?ोप है। कहा जा रहा है कि लेटर ऑफ इंटेंट जारी करने के लिए घूस ली गई है। लेटर ऑफ इंटेंट वो दस्तावेज है जिसकी मदद से ऑटो चालकों को नए ऑटो के लिए लोन मिलता है लेकिन दिल्ली के परिवहन विभाग में हुए फर्जी वाड़े की वजह से ऑटो चालकों को या तो दलालों और डीलरों से ब्लैक में लेटर ऑफ इंटेंट लेना पड़ रहा है या फिर दोगुना पैसा देकर लेटर ऑफ इंटेंट वाला नया ऑटो खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है एसएमएस के जरिए इस भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री केजरीवाल तक पहुंचने के बाद परिवहन विभाग के डिप्टी कमिश्नर एस रॉय बिस्वास, इंस्पेक्टर मनीष पुरी और क्लर्वâ अनिल यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। विपक्ष अब केजरीवाल सरकार के कामकाज पर ही सवाल उठा रहा है – बीजेपी का कहना है कि जिस केजरीवाल ने ईमानदारी की कसम खाई थी उनकी नाक के नीचे पड़ा है गरीब ऑटो चालकों की जेब पर डाका। बीजेपी मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री का इस्तीफा मांग रही है। अब तक जारी ९३२ लेटर ऑफ इंटेंट को कैंसिल कर दिया गया है और मामले की जांच विजिलेंस विभाग से करवाई जा रही है लेकिन विपक्ष सवाल पूछ रहा है कि क्या दिल्ली की केजरीवाल सरकार ईमानदारी का नारा भूल चुकी है। ऑटो परमिट घोटाले पर केजरीवाल की सफाई भी आई है। उन्होंने कहा है कि सारे परमिट रद्द करके जांच के आदेश दे दिए हैं। वो इसमें सीबीआई की मदद भी लेंगे।
नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली में ऑटो परमिट घोटाले को लेकर बीजेपी ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी के कार्यकर्ता केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने उनपर पानी की बौछार की है। प्रदर्शन करने वाले ‘केजरीवाल इस्तीफा दो के नारे लगा रही है साथ ही बीजेपी परविहन मंत्री गोपाल राय का इस्तीफा मांग रही है। साथ ही बीजेपी ने तीन अफसरों पर कार्रवाई को नाकाफी बताया है। विजिलेंस विभाग इसकी जांच कर रहा है। आरोप है कि परमिट फर्जी पते पर और आप के कार्यकर्ताओं को ही बांटे गए हैं। भारतीय मजदूर संघ ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। दिल्ली में परिवहन विभाग से १० हजार ऑटो के नए परमिट जारी करने में गड़बड़ी का आरोप लगा है। २३ दिसंबर से अब तक जारी किए गए ९३२ लेटर ऑफ इंटेंट में नियमों की अनदेखी का आ?ोप है। कहा जा रहा है कि लेटर ऑफ इंटेंट जारी करने के लिए घूस ली गई है। लेटर ऑफ इंटेंट वो दस्तावेज है जिसकी मदद से ऑटो चालकों को नए ऑटो के लिए लोन मिलता है लेकिन दिल्ली के परिवहन विभाग में हुए फर्जी वाड़े की वजह से ऑटो चालकों को या तो दलालों और डीलरों से ब्लैक में लेटर ऑफ इंटेंट लेना पड़ रहा है या फिर दोगुना पैसा देकर लेटर ऑफ इंटेंट वाला नया ऑटो खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है एसएमएस के जरिए इस भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री केजरीवाल तक पहुंचने के बाद परिवहन विभाग के डिप्टी कमिश्नर एस रॉय बिस्वास, इंस्पेक्टर मनीष पुरी और क्लर्वâ अनिल यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। विपक्ष अब केजरीवाल सरकार के कामकाज पर ही सवाल उठा रहा है – बीजेपी का कहना है कि जिस केजरीवाल ने ईमानदारी की कसम खाई थी उनकी नाक के नीचे पड़ा है गरीब ऑटो चालकों की जेब पर डाका। बीजेपी मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री का इस्तीफा मांग रही है। अब तक जारी ९३२ लेटर ऑफ इंटेंट को कैंसिल कर दिया गया है और मामले की जांच विजिलेंस विभाग से करवाई जा रही है लेकिन विपक्ष सवाल पूछ रहा है कि क्या दिल्ली की केजरीवाल सरकार ईमानदारी का नारा भूल चुकी है। ऑटो परमिट घोटाले पर केजरीवाल की सफाई भी आई है। उन्होंने कहा है कि सारे परमिट रद्द करके जांच के आदेश दे दिए हैं। वो इसमें सीबीआई की मदद भी लेंगे।
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