भारत में इंसानों के लिए इच्छा मृत्यु की अनुमति भले न मिल पाई हो मगर 33 साल के हिमालयी भालू 'सोनू' के लिए अधिकारियों की यह मांग सरकार ने मान ली है.
सोनू इंदौर के चिड़ियाघर, कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में पिछले ढाई साल से बेहद तकलीफ़ भरी ज़िंदगी बिता रहा था.
सोनू को लकवा मार गया था. काफी इलाज के बाद भी उसकी हालत बिगड़ती ही गई.
उसकी हालत देखकर चिड़ियाघर प्रबंधन और उसकी सेवा में लगे स्टाफ की सलाह पर करीब दो माह पूर्व चिड़ियाघर प्रबंधन ने सेंट्रल ज़ू अथॉरिटी के पास दया याचिका लगाकर इच्छा मृत्यु की मांग की.
चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि लकवे के कारण सोनू के शरीर का पिछला हिस्सा काम नहीं कर रहा है. वाइल्ड लाइफ विभाग की अनुमति भी प्राप्त हो गई है.
डॉ यादव के मुताबिक़, सोनू को शनिवार सुबह 11 बजे मौत का इंजेक्शन दिया जाएगा.
45 साल पुराने इंदौर चिड़ियाघर और मध्यप्रदेश के इतिहास में इच्छा मृत्यु का यह पहला मामला है. चिड़ियाघर परिसर में ही सोनू का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
No comments:
Post a Comment