विस उपचुनाव में नामवापसी का मामला…
रायपुर । छत्तीसगढ़ के बस्तर के अंतागढ़ विधानसभा के उपचुनाव में राज्य के मुख्यमंत्री रमन िंसह के परिजनों और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बीच `लेनदेन’ के कथित टेप के सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक हंगामा शुरू हो गया है। जोगी जहां इसे मनगढ़ंत और झूठा बता रहे हैं वहीं प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने जोगी सहित उनके बेटे को पार्टी से बाहर करने की मांग उठा रहे हैं। इस मामले में वेंâद्रीय नेतृत्व जोगी को नोटिस जारी कर सकता है।
गौरतलब है कि साल २०१४ में १३ सितंबर को बस्तर के अंतागढ़ विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हुआ था, जिसमें कुल १३ उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस उम्मीदवार मंतूराम पवार ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद दस अन्य उम्मीदवारों ने भी मैदान छोड़ दिया था जिससे भाजपा के र्नििवरोध चुनाव जीतने के आसार बने लेकिन अंबेडकराइट पार्टी ऑ़फ इंडिया के रूपधर पुड़ो मैदान में डटे रहे, लेकिन जैसा सभी को मालूम था यह चुनाव पुड़ो हारे और भाजपा के भोजराज नाग ने ५० ह़जार से भी अधिक मतों से जीत दर्ज कराई। इसे देखते हुए तब भी चुनाव फिक्सिंग के आरोप सामने आए थे, लेकिन सुबूतों के अभाव में बात आई-गई हो गई।
अब जबकि कथित लेन-देन का वीडियो बायरल हुआ है तो नई दिल्ली में बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पत्रकारों से कहा है कि कांग्रेस के उम्मीदवार को मुख्यमंत्री रमन िंसह ने पैसे का प्रलोभन देकर बिठाया था। उन्होंने इस मुद्दे पर रमन िंसह का इस्तीफा मांगा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले की जांच कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार इसी चुनाव से जुड़ी कथित बातचीत के एक टेप में मुख्यमंत्री रमन िंसह के ़करीबी रिश्तेदार, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे विधायक अमित जोगी, विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने वाले मंतूराम पवार के बीच कई करोड़ के कथित लेनदेन करते देखे गए हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने पूरे मामले को झूठा, मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि हमने इस मामले में अपने वकील से बात की है और झूठे आरोप लगाने वालों के ़िखला़फ दीवानी और ़फौजदारी मु़कदमा दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। जोगी ने यह भी कहा कि ऐसे टेप अदालत में मान्य नहीं होते और इसे कथित रूप से सार्वजनिक करने वालों को दो साल के लिए जेल जाने को तैयार रहना चाहिए।
इस मामले में अजीत जोगी के विरोधी कहे जाने वाले प्रदेश् कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल का कहना है कि इस टेप के सार्वजनिक होने के बाद यह बात सा़फ हो गई है कि कांग्रेस को कौन लोग कम़जोर कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पार्टी में एक मिनट भी रहने का अधिकार नहीं है। हमने इस बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी चर्चा की है। यह अलग बात है कि उम्मीदवारी वापस लेने वाले मंतूराम पवार ने भी किसी दबाव या प्रलोभन में नाम वापस लेने की बात को झुठला दिया है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस नेतृत्व ने जोगी को नोटिस भेजने का मन बनाया हुआ है।
रायपुर । छत्तीसगढ़ के बस्तर के अंतागढ़ विधानसभा के उपचुनाव में राज्य के मुख्यमंत्री रमन िंसह के परिजनों और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बीच `लेनदेन’ के कथित टेप के सार्वजनिक होने के बाद राजनीतिक हंगामा शुरू हो गया है। जोगी जहां इसे मनगढ़ंत और झूठा बता रहे हैं वहीं प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने जोगी सहित उनके बेटे को पार्टी से बाहर करने की मांग उठा रहे हैं। इस मामले में वेंâद्रीय नेतृत्व जोगी को नोटिस जारी कर सकता है।
गौरतलब है कि साल २०१४ में १३ सितंबर को बस्तर के अंतागढ़ विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हुआ था, जिसमें कुल १३ उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन चुनाव से ऐन पहले कांग्रेस उम्मीदवार मंतूराम पवार ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद दस अन्य उम्मीदवारों ने भी मैदान छोड़ दिया था जिससे भाजपा के र्नििवरोध चुनाव जीतने के आसार बने लेकिन अंबेडकराइट पार्टी ऑ़फ इंडिया के रूपधर पुड़ो मैदान में डटे रहे, लेकिन जैसा सभी को मालूम था यह चुनाव पुड़ो हारे और भाजपा के भोजराज नाग ने ५० ह़जार से भी अधिक मतों से जीत दर्ज कराई। इसे देखते हुए तब भी चुनाव फिक्सिंग के आरोप सामने आए थे, लेकिन सुबूतों के अभाव में बात आई-गई हो गई।
अब जबकि कथित लेन-देन का वीडियो बायरल हुआ है तो नई दिल्ली में बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने पत्रकारों से कहा है कि कांग्रेस के उम्मीदवार को मुख्यमंत्री रमन िंसह ने पैसे का प्रलोभन देकर बिठाया था। उन्होंने इस मुद्दे पर रमन िंसह का इस्तीफा मांगा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले की जांच कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार इसी चुनाव से जुड़ी कथित बातचीत के एक टेप में मुख्यमंत्री रमन िंसह के ़करीबी रिश्तेदार, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे विधायक अमित जोगी, विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने वाले मंतूराम पवार के बीच कई करोड़ के कथित लेनदेन करते देखे गए हैं। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने पूरे मामले को झूठा, मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताते हुए कहा कि हमने इस मामले में अपने वकील से बात की है और झूठे आरोप लगाने वालों के ़िखला़फ दीवानी और ़फौजदारी मु़कदमा दायर करने की तैयारी कर रहे हैं। जोगी ने यह भी कहा कि ऐसे टेप अदालत में मान्य नहीं होते और इसे कथित रूप से सार्वजनिक करने वालों को दो साल के लिए जेल जाने को तैयार रहना चाहिए।
इस मामले में अजीत जोगी के विरोधी कहे जाने वाले प्रदेश् कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल का कहना है कि इस टेप के सार्वजनिक होने के बाद यह बात सा़फ हो गई है कि कांग्रेस को कौन लोग कम़जोर कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पार्टी में एक मिनट भी रहने का अधिकार नहीं है। हमने इस बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी चर्चा की है। यह अलग बात है कि उम्मीदवारी वापस लेने वाले मंतूराम पवार ने भी किसी दबाव या प्रलोभन में नाम वापस लेने की बात को झुठला दिया है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस नेतृत्व ने जोगी को नोटिस भेजने का मन बनाया हुआ है।
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