वािंशगटन। एक अमेरिकी मैगजीन ने दावा किया है कि भारत थर्मो न्यूाqक्लयर हथियार बनाने के लिए कथित तौर पर एक टॉप सीव्रेâट परमाणु शहर बना रहा है, जिससे परमाणु शक्ति के रूप में भारत की क्षमता बढ़ेगी और भारत के नजदीकी पड़ोसी चीन और पाकिस्तान इसे भड़काऊ कदम के रूप में देखेंगे। आरोप के मुताबिक भारत ने कर्नाटक के चल्लकेरे में इस गोपनीय शहर का निर्माण शुरू कर दिया है, जो २०१७ में पूरा होने पर ‘उपमहाद्वीप का सेना संचालित सबसे बड़ा परमाणु सेंट्रीफ्यूज, परमाणु अनुसंधान प्रयोगशाला और हथियार- तथा विमान परीक्षण प्रतिष्ठान परिसर होगा। भारत सरकार के रिटायर्ड अधिकारियों और लंदन तथा वािंशगटन ाqस्थत स्वतंत्र विशेषज्ञों के अनुसार, एक और अधिक विवादास्पद महत्वाकांक्षा, भारत के लिए संर्विधत यूरेनियम र्इंधन का अतिरिक्त भंडार तैयार करने की है, जिसे नए हाइड्रोजन बमों, जिन्हें थर्मो परमाणु हथियारों के रूप में भी जाना जाता है, में इस्तेमाल किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि वे अपनी परमाणु क्षमता बढ़ाकर इसका जवाब दे सकते हैं।’ हालांकि इसमें भारत सरकार या अमेरिका सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं है, लेकिन लेख में लिए कई अज्ञात अधिकारियों और सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारियों का हवाला दिया गया है। रिपोर्ट में व्हाइट हाउस के एक पूर्व अधिकारी के हवाले से कहा गया है, ‘मैसूर पर लगातार नजर रखी जा रही है और हम चल्लकेरे में हो रही प्रगति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।’ चल्लकेरे मैसूर के पास ाqस्थत है।
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