नई दिल्ली। डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वित्त मंत्री अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। सदन में अरुण जेटली और बीजेपी सांसद कीर्ति आजाद का आमना-सामना हुआ। ये देखना दिलचस्प था कि पहले जेटली ने अपनी सफाई दी और तुरंत बाद आजाद ने अपनी बात रखते हुए सीबीआई जांच की मांग कर डाली। इस पर अरुण जेटली ने अपने बयान में सफाई देते हुए कहा कि दिल्ली में क्रिकेट स्टेडियम का पुनर्निमाण करवाया जिसकी लागत ११४ करोड़ थी। जेटली ने कहा कि पब्लिक सेक्टर कंपनी को ठेका दिया गया। घोटाले का आरोप बेबुनियाद है। यूपीए सरकार में जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम पर ९०० करोड़ का खर्च आया था। वहीं कीर्ति आजाद ने जेटली पर एक बार फिर निशाना साधते हुए कहा कि डीडीसीए मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। कीर्ति ने कहा कि मौजूदा सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार से लड़ रही है और डीडीसीए मामले की भी सीबीआई जांच होनी चाहिए। इससे पूरा सच सामने आ जाएगा। सीबीआई और एसआईटी मिल कर इस पूरे मामले को देखे और सच सामने लाए। सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने के वी थामस, के सी वेणुगोपाल, पी वेणुगोपाल, सुष्मिता देव समेत कुछ अन्य सदस्यों के कार्यस्थगल के नोटिस को अस्वीकार कर दिया और उनसे अन्य अवसरों पर इन्हें उठाने को कहा। कांग्रेस के सदस्य कुछ कहना चाहते थे और पार्टी के मुख्य सचेतक ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अध्यक्ष से नोटिस पर विचार करने का आग्रह किया। क्षुब्ध नजर आ रही सुमित्रा महाजन ने कहा कि आज मैं आपमें से किसी को बोलने से नहीं रोकूंगी। आप जो बोलना चाहते हैं बोलें। इस पर संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सदन को हर दिन बाधित नहीं किया जा सकता, प्रश्नकाल चलने की अनुमति दी जानी चाहिए। अध्यक्ष ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपनी बात रखने के लिए कहा। लेकिन वह कुछ बोल नहीं सके और पीछे बैठे सदस्य से कागजात मांगते देखे गए। इसके बाद वह सदन से बाहर गए और के सुरेश के साथ कुछ कागजात लेकर वापस लौटे। और फिर बात रखने की अनुमति देने की मांग करने लगे। लेकिन अध्यक्ष ने कहा कि अब प्रश्नकाल शुरू हो गया है, इसलिए आप अपनी बात शून्यकाल में रखें। सदन में उस समय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी मौजूद थे लेकिन सदन में पार्टी के नेता मल्लिकाजरुन खड़गे उपस्थित नहीं थे। सोनिया गांधी को ज्योतिरादित्य सिंधिया और के सुरेश से कुछ पूछते देखा गया। इसके बाद कांग्रेस सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। वे ‘जेटली इस्तीफा दो’ ‘हिटलरशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगा रहे थे। कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के बाद अध्यक्ष ने ११ बजकर १० मिनट पर यह कहते हुए कार्यवाही साढे ११ बजे तक के लिए स्थगित कर दी कि शोर शराबा कर रहे सदस्य कार्यवाही चलाना ही नहीं चाहते हैं। राज्यसभा में आज भी घमासान मचा रहा। विपक्ष ने डीडीसीए घोटाले में नाम आने को लेकर वित्तमंत्री अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष के हंगामे को देखते हुए सदन स्थगित भी करना पड़ा। हालांकि जेटली इस मुद्दे पर सदन में चर्चा को तैयार थे, बावजूद इसके हंगामा जारी रहा। गुलाम नबी आज़ाद ने सदन में डीडीसीए का मुद्दा उठाया। सभापति ने इसे सदन की कारवाई से हटा दिया। लेकिन इस पर अरुण जेटली ने उठ कर कहा कि मुझे कोई दिक्कत नहीं है। अगर मेरे खिलाफ किसी के पास कोई तथ्य है तो उसे उठाएं, मैं अभी सारे जवाब दूंगा।
झा/देवेन्द्र/ईएमएस/२१/दिसंबर/२०१५
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