Monday, 7 December 2015

नेशनल हेराल्ड केस: सोनिया-राहुल को झटका, पटियाला कोर्ट में होना होगा पेश

नई दिल्ली । दिल्ली की पटियाला हाउस हाईकोर्ट से सोमवार को नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को झटका मिला है। हाईकोर्ट ने दोनों नेताओं को इस केस में पेशी से छूट देने से इंकार कर दिया है। अब दोनों नेताओं को कल मामले की सुनवाई के दौरान पटियाला हाउस कोर्ट में पेश होना होगा। कोर्ट ने दोनों नेताओं को पेश होने के लिए समन जारी किए थे। उल्लेखनीय है कि २६ जून २०१४ को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा मोतीलाल वोरा, सुमन दूबे और सैम पित्रोदा को समन जारी कर पेश होने के आदेश जारी किए थे। बाद में अपील करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने समन पर रोक लगा दी थी। ४ दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया था।
-क्या है पूरा मामला-
दरअसल, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया था कि सोनिया और राहुल ने कांग्रेस पार्टी से लोन देने के नाम पर नेशनल हेराल्ड की ५,००० करोड की संपत्ति जब्त कर ली। पहले नेशनल हेराल्ड की कंपनी ऐसोसिएट जनरल लिमिटेड को कांग्रेस ने २६ फरवरी, २०११ को ९० करोड़ का लोन दे दिया। इसके बाद ५ लाख रुपये से यंग इंडियन कंपनी बनाई गई, जिसमें सोनिया और राहुल की ३८-३८ फीसदी हिस्सेदारी है। शेष हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस के पास है। इसके बाद के १०-१० रुपये के नौ करोड़ शेयर यंग इंडियन को दे दिए गए और इसके बदले यंग इंडियन को कांग्रेस का लोन चुकाना था। ९ करोड़ शेयर के साथ यंग इंडियन को एजेएल के ९९ फीसदी शेयर हासिल हो गए। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने ९० करोड़ का लोन भी माफ कर दिया। यानी यंग इंडियन को मुफ्त में स्वामित्व मिल गया। स्वामी ने इस ९० करोड़ रुपये के प्रकरण में हवाला कारोबार का शक जताया है। स्वामी का यह भी आरोप है कि यह सब कुछ दिल्ली में बहादुर शाह जफर मार्ग पर स्थित हेराल्ड हाउस की १,६०० करोड़ रुपये की बिल्डिंग पर कब्जा करने के लिए किया गया। उनका आरोप है कि साजिश के तहत यंग इंडियन लिमिटेड को टीजेएल की संपत्ति का अधिकार दिया गया है। हेराल्ड हाउस को फिलहाल पासपोर्ट ऑफिस के लिए किराये पर दिया गया है। स्वामी का कहना है कि हेराल्ड हाउस को केंद्र सरकार ने समाचार पत्र चलाने के लिए जमीन दी थी, इस लिहाजा से उसे व्यावसायिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

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