हैदराबाद. देश के बहुचर्चित आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साईं बाबा की मौत के बाद उनके प्राइवेट रूम से 100 किलो सोना और करोड़ों रुपए कीमत का खाजाना मिला था। आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के पुट्टपर्थी में कई अरब का साम्राज्य खड़ा करने वाले सत्य साईं भक्तों को चमत्कार भी दिखाते थे। इन चमत्कारों ने उन्हें भक्तों के बीच भगवान का दर्जा दिलाया, तो कई लोगों को साईं के हर चमत्कार पर शक था। उन्होंने चमत्कारों पर गंभीर सवाल खड़े किए। सत्य साईं का जन्म 23 नवंबर 1926 को हुआ था, इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं, उनकी खास बातें।
सचिन समेत कई फेमस हस्तियां हैं भक्त
साईं के स्टार भक्तों में सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, अमिताभ बच्चन, रजनीकांत और मुहम्मद रफी शामिल रहे हैं। सत्य साईं के भक्तों की तादात लाखों में है। जो 24 अप्रैल 2011 में उनके निधन के बाद भी कम नहीं हुई। सत्य साईं के चमत्कारों के कारण कई भक्त उन्हें आज भी भगवान मानते हैं। जीवन के आखिरी वक्त में सत्य साईं ने चमत्कार करना बंद कर दिया था। बाबा के निधन के बाद कई बड़े लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे।
साईं के स्टार भक्तों में सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, अमिताभ बच्चन, रजनीकांत और मुहम्मद रफी शामिल रहे हैं। सत्य साईं के भक्तों की तादात लाखों में है। जो 24 अप्रैल 2011 में उनके निधन के बाद भी कम नहीं हुई। सत्य साईं के चमत्कारों के कारण कई भक्त उन्हें आज भी भगवान मानते हैं। जीवन के आखिरी वक्त में सत्य साईं ने चमत्कार करना बंद कर दिया था। बाबा के निधन के बाद कई बड़े लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे।
तस्लीमा ने बताया था 'धोखेबाज'
> लेखिका तस्लीमा ने सत्य साईं बाबा के निधन के बाद ट्वीट किया था, "सत्य साईं बाबा, भगवान थे या साधारण आदमी, उनकी मौत के साथ यह सवाल एक बार फिर उठ गया है।सही मायने में वे एक आम आदमी थे। उन्होंने जीवन भर करोड़ों लोगों के साथ धोखा किया।"
40 हजार करोड़ बताई गई है कुल संपत्ति
> 40 हजार करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी के मालिक सत्य साईं बाबा दुनिया भर में मशहूर थे। करीब 165 देशों में उनके लाखों भक्त आज भी फैले हुए हैं।
> 24 अप्रैल 2011 को सत्य साईं की मौत के बाद पुट्टापर्थी के प्रशांति निलयम आश्रम में स्थित उनके प्राइवेट रूम (यजुर मंदिर) से 100 किलोग्राम सोना और लगभग 12 करोड़ रुपए मिले थे। ट्रस्ट के सदस्य और बाबा के भतीजे आर. जे. रत्नाकर ने खुद इस खजाने का खुलासा किया था। सत्य साईं की प्रॉपर्टी पुट्टपर्थी, बेंगलुरू, हैदराबाद समेत देश के कई शहरों में मौजूद है।
खुद को शिरडी वाले साईं का अवतार बताते थे बाबा
> बताया जाता है कि 23 मई 1940 को सत्य साईं को दिव्यता का अहसास हुआ। शिरडी के साईं बाबा, सत्य साईं के सपने में आए थे, इसके बाद सत्य साईं ने खुद को साईं का अवतार घोषित कर दिया। वो तरह-तरह के चमत्कार दिखाने लगे थे।
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