संयुक्त राष्ट्र । भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से यह सुनिाqश्चत करने के लिए प्रतिबंध कठोर करने का आह्वान किया कि सूचीबद्ध आतंकवादी संगठनों को कहीं पनाह नहीं मिले और कहा कि तालिबान की िंहसा में किसी सुस्पष्ट कमी के बगैर अफगान शांतिवार्ता सुलह-समझौते को जोखिम कम नहीं होगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई उप प्रतिनिधि भगवंत बिश्नोइ ने सोमवार को यहां अफगानिस्तान पर सुरक्षा परिषद की चर्चा में कहा कि भारत ने हमेशा कहा है कि इस तरह की कोई शांति वार्ता अफगान नीत एवं अफगान स्वामित्व होनी चाहिए और सिर्पâ उन्हीं तालिबान शुभिंचतकों के साथ होनी चाहिए जो अफगानिस्तान के संविधान के दायरे को स्वीकार करने और उसके अंदर काम करने की इच्छा रखते हों। बिश्नोइ ने कहा कि तालिबान की िंहसा में किसी सुस्पष्ट कमी के बगैर वार्ता से शांति एवं सुलह-सफाई को पेश जोखिम और खतरा कम नहीं होगा। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में आंतकवादी हमलों में इजाफा और अफगानिस्तान में उसकी जारी गतिविधियों में वृद्धि के मद्देनजर सुरक्षा परिषद को अवश्य ही इन आतंकवादी संगठनों को लुंज-पुंज करने का तरीका खोजना होगा। भारतीय राजनयिक ने कहा कि सुरक्षा परिषद ने आतंकवाद के निरोध के लिए अनेक प्रस्ताव पारित किए हैं जो उनके तमाम सदस्य देशों के लिए बाध्यकारी है। उन्हें अपने प्रतिबंध कानूनों को सुदृढ़ करना चाहिए ताकि सूचीबद्ध आतंकवादी संगठनों पर प्रतिबंध प्रभावी तौर पर लगाए और क्रियााqन्वत किए जाएं जिससे उन्हें पनाहगाहों से वंचित किया जा सके।
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