Tuesday, 22 December 2015

'बे' काम के शीतकालीन सत्र का आज आखिरी दिन, कई अहम बिल अब भी अटके

'बे' काम के शीतकालीन सत्र का आज आखिरी दिन, कई अहम बिल अब भी अटके
संसद भवन (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: संसद के शीत सत्र का आज आखिरी दिन है। 26 नवंबर से शुरू इस सत्र का अधिकतर समय हंगामे की भेंट चढ़ा है, जिसके चलते कई अहम बिल इस बार भी अटक गए हैं। इससे पहले संसद का मॉनसून सत्र भी हंगामे के चलते बिना किसी कामकाज के खत्म हो गया था।

विपक्ष के हंगामे के चलते गतिरोध
जहां एक ओर सरकार कर पक्ष है कि विपक्ष के हंगामे के चलते संसद में गतिरोध पैदा हुआ है, वहीं विपक्ष भ्रष्टाचार और सीबीआई दुरुपयोग वाले आरोपों के साथ सरकार पर निशाना साधता रहा। इस हंगामे के चलते इस बार भी संसद में जीएसटी बिल पास नहीं हो सका हालांकि मंगलवार को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट को पास कर राज्यसभा ने बलात्कार सहित संगीन अपराधों के मामले में कुछ शर्तों के साथ किशोर माने जाने की आयु को 18 से घटाकर 16 वर्ष कर दिया।

राज्यसभा ने किया ध्वनिमत से पारित
देश में जुवेनाइल जस्टिस के क्षेत्र में दूरगामी प्रभाव डालने वाले किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) विधेयक को राज्यसभा ने ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक पर लाए गए विपक्ष के सारे संशोधनों को सदन ने खारिज कर दिया। लोकसभा इस विधेयक को पहले ही पारित कर चुकी है।

No comments:

Post a Comment