Monday, 7 December 2015

संदिग्धों ने किया था निशानेबाज़ी का अभ्यास

कैलिफोर्नियाImage copyrightABC news
Image caption2014 में फारुख़ और मलिक सउदी अरब से शिकागो एयरपोर्ट पहुंचे थे
अमरीकी जांच एजेंसी एफ़बीआई के मुताबिक़, कैलिफोर्निया के सैन बर्नार्डिनो में हुए हमले के पीछे जिस दंपति का हाथ माना जा रहा है, उन्होंने हमले के कुछ दिन पहले ही निशानेबाज़ी की प्रैक्टिस की थी. इस हमले में 14 लोग मारे गए.
एफ़बीआई के लॉस एंजेल्स कार्यालय के असिस्टेंट डायरेक्टर डेविड बोडिच ने कहा कि हमलावर तशफ़ीन मलिक और उनके पति सैयद फ़ारुक़ ने लॉस एंजेल्स इलाक़े में निशानेबाज़ी की रेंज का दौरा किया था.
उन्होंने बताया कि वे दोनों चरमपंथी गतिविधियों की तरफ़ आकर्षित थे और ऐसा 'कुछ समय से था'.
पिछले हफ़्ते सैन बर्नार्डिनो में एक हेल्थ केयर केंद्र में हुए इस हमले की आतंकवाद के कृत्य के तौर पर जांच की जा रही है.
लेकिन बोडिच ने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि 9/11 के बाद की सबसे भयानक चरमपंथी हमले की साज़िश विदेश में रची गई थी.
अपने ही सहकर्मियों पर गोली चलाने की इस घटना से पहले रेस्त्रां निरीक्षक फ़ारुक़ के ख़िलाफ़ एफ़बीआई जांच का कोई रिकॉर्ड नहीं था.
इस गोलीबारी की जवाबी पुलिस कार्रवाई में दोनों पति पत्नी मारे गए.
जांचकर्ताओं ने बताया कि उन्हें इस दंपति के घर से 19 पाइप मिले हैं जिन्हें बम में तबदील किया जा सकता था.
एबीसी न्यूज़ को मिली एक तस्वीर में इस दंपति को जुलाई 2014 में सउदी अरब से शिकागो के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचते देखा जा सकता है.
कैलिफोर्नियाImage copyrightAP
Image captionसोमवार को मृतकों के सहकर्मी काम पर वापिस लौट आए
अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि फ़ारुक़ सउदी अरब गया था और दो हफ़्ते बाद मलिक के साथ लौटा जिसे मंगेतर के तौर पर अमरीका आने का वीज़ा मिल गया था.
फ़ारुक़ के पिता ने एक इतालवी अख़बार को बताया कि उनका बेटा आईएस से सहानुभूति रखता था और इसराइल के बारे में अच्छी राय नहीं रखता थ.
इस परिवार के वकील ने कहा कि हाल ही में उसने अपने परिवार को बताया था कि उसके सहकर्मियों ने उसकी दाढ़ी का मज़ाक़ उड़ाया था. वकील के मुताबिक़ परिवार को पता था कि उसके पास दो हैंडगन और दो राइफलें हैं.
लेकिन उन्हें ये नहीं मालूम था कि इस दंपति ने इसके अलावा भी हथियार इकट्ठा किए हुए थे.
हमले वाले दिन मलिक ने कथित तौर पर फ़ेसबुक पर तथाकथित इस्लामिक स्टेट की प्रशंसा की थी.
सोमवार को अमरीकी न्याय विभाग ने कहा कि वो इस पर नज़र रखे हैं कि कहीं इस घटना से मुस्लिम विरोधी भावनाएं या हमले ना भड़कें.

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