Friday, 11 December 2015

पहली बार वोट डालेंगी सऊदी महिलाएं

सऊदी अरब में महिलाएंImage copyrightGetty
सऊदी अरब में महिलाएं शनिवार को पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रही हैं.
सऊदी अरब का समाज रुढ़िवादी माना जाता है और यह दुनिया का अकेला देश है जहां महिलाओं को वाहन चलाने का अधिकार नहीं है.
लेकिन इन नगर परिषद चुनावों में महिलाएं न केवल वोट देंगी बल्कि वे चुनाव लड़ भी रही हैं.
चुनाव में 978 महिलाओं के साथ-साथ 5938 पुरुष उम्मीदवार भी किस्मत आज़मा रहे हैं.
सऊदी अरब में महिलाएंImage copyrightEPA
प्रचार अभियान में इन महिलाओं को पर्दे के पीछे से अपनी बात रखनी पड़ी या किसी पुरुष का सहारा लेना पड़ा.
अधिकारियों के मुताबिक़ क़रीब एक लाख 30 हज़ार ने वोट देने के लिए ख़ुद को पंजीकृत किया है. हालांकि साढ़े 13 लाख पुरुष मतदाताओं की तुलना में यह संख्या काफी कम है.
वोट के लिए सबसे पहले पंजीकृत होने वाली सलमा अल राशेद ने बीबीसी से कहा, "यह अच्छा अनुभव है. बदलाव एक बड़ी बात है लेकिन चुनाव हमारी नुमाइंदगी का रास्ता है."
सऊदी अरब में चुनाव दुर्लभ बात है और देश के इतिहास में यह तीसरा मौक़ा है जब लोग मतदान कर रहे हैं.
शाह अब्दुल्लाImage copyrightReuters
देश में 1965 से 2005 तक 40 वर्षों में कोई चुनाव नहीं हुआ.
चुनावों में महिलाओं की भागीदारी का फ़ैसला दिवंगत शाह अब्दुल्ला ने किया था और इसे उनकी विरासत का अहम हिस्सा माना जाता है.
शाह अब्दुल्ला ने गत जनवरी में निधन से पहले 30 महिलाओं को देश की शीर्ष सलाहकार शूरा परिषद में नियुक्त किया था.
शनिवार को होने वाले चुनावों से परिषद की 2100 सीटों का फ़ैसला होगा. अतिरिक्त 1050 सीटों पर शाह की मंज़ूरी से नियुक्तियां की जाएंगी.

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