Image copyrightPoulomi BasuImage captionमध्य दिल्ली के कनॉट प्लेस में दिसंबर 2013 में 16 साल की एक लड़की से सामूहिक बलात्कार हुआ. संभवतः मानसिक रूप से परेशान किशोरी को कुछ लोगों ने रेलवे स्टेशन के पास अपहरण किया और उसे सिंधिया हाउस लेन के पीछे ले गए. उन्होंने बारी-बारी से उससे बलात्कार किया और फिर पार्किंग स्थल में फेंक दिया.
स्कूल बस, शॉपिंग मॉल और पार्क आमतौर पर सुरक्षित जगहें मानी जाती हैं लेकिन दिल्ली में लगी एक फ़ोटो प्रदर्शनी का विषय है- भारत की वो जगहें जहां बलात्कार हुए हैं.
रेप इन इंडिया प्रोजेक्ट एक क्राउडसोर्स प्लेटफ़ॉर्म है. इसमें उन स्थानों और ठिकानों को तस्वीरों में दर्ज किया जाता है जहां यौन हिंसा हुई है.
फ़ोटोग्राफ़र और प्रोजेक्ट रेप इन इंडिया की सह-संस्थापक पोलोमी बासु कहती हैं, "भारत में बलात्कार की स्थिति बहुत ख़ौफ़नाक़ है. इस प्रोजेक्ट के ज़रिए हम बलात्कार और यौन हिंसा के विषय पर चर्चा शुरू करना चाहते हैं."
वह कहती हैं, "जिन जगह बहुत से बलात्कार हुए हैं उनका बहुत आम जगह होना सिहरा देने वाला है. शायद हम उन जगहों पर उतने सुरक्षित नहीं, जितना सोचते हैं."
प्रदर्शनी का आयोजन प्रूफ़: मीडिया फ़ॉर सोशल जस्टिस ने किया है. यह प्रदर्शनी दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में बुधवार तक चलेगी.
Image copyrightSamyukta LakshmiImage captionबेंगलुरु में 19 साल की एक छात्रा से 21 साल के युवक ने घर में बलात्कार किया. दोनों इलेक्ट्रॉनिक सिटी फ़ेज़-1 में रहते थे. छात्रा मैनेजमेंट कोर्स की सामग्री लेने युवक के घर गई थी. लगा था कि हमलावर की बहन भी घर पर ही होगी. युवक छात्रा से एक बार बलात्कार के बाद तीन साल तक उससे यौन हिंसा और ब्लैकमेल करता रहा. आख़िर एक दिन छात्रा ने अपने परिजनों और फिर पुलिस को बताया. यह घटना इसी साल की है. युवक पुलिस की पकड़ से बचा रहा है. उसने कुछ गुंडों को लड़की और उसके पिता को धमकाने भेजा था कि वो मामला वापस ले लें.Image copyrightPoulomi BasuImage captionनवंबर 2010 में दक्षिण दिल्ली के मोतीबाग इलाक़े में एक महिला और उसकी एक सहकर्मी को उनके ऑफ़िस की गाड़ी ने एक पुल के नीचे उतारा. वे लोग घर की ओर बढ़ रहे थे. तभी एक गाड़ी में सवार पांच लोगों ने महिला को जबरन गाड़ी में खींच लिया. वे उसे मंगोलपुरी ले गए, जहां उससे सामूहिक बलात्कार किया गया. दिल्ली की एक अदालत ने अक्टूबर 2014 में इस केस के सभी पांच अभियुक्तों को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई.Image copyrightRavi MishraImage captionवाराणसी में कुछ लोग उस पुल पर बैठे हैं जहां 16 साल की एक लड़की से बलात्कार हुआ था. लड़की का उसके घर के पास शाम को तब अपहरण किया गया, जब वह पास की एक दुकान से माचिस लेकर लौट रही थी. स्थानीय एनजीओ की सलाह पर परिवार ने पुलिस में केस दर्ज करवाया. मामला अदालत में है. अभियुक्त अभी ज़मानत पर है.Image copyrightSamyukta LakshmiImage captionकर्नाटक में बेंगलुरु से कोई 40 किलोमीटर दूर होस्कोट के पास फ़रवरी 2015 में 19 साल के एक मज़दूर ने आठ साल की बच्ची की बलात्कार के बाद हत्या कर दी. एक सरकारी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली इस छात्रा का शव एक अस्थायी कार शेड में मिला.Image copyrightSamyukta LakshmiImage captionबेंगलुरु में 14 साल की एक लड़की को उसके बॉयफ़्रेंड ने छोड़ दिया तो उसने ख़ुदकुशी कर ली. फ़ेसबुक के ज़रिए मिले लड़के ने शादी का वायदा करके उससे बलात्कार किया था. नवंबर 2013 में जब लड़की के परिजन महालक्ष्मी लेआउट, यशवंथपुर लिमिट स्थित घर में नहीं थे, तो उसने पंखे से लटककर अपनी जान दे दी.Image copyrightPoulomi BasuImage captionनई दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाक़े में अप्रैल 2013 में अपने घर के बाहर खेल रही 10 साल की बच्ची को उसका पड़ोसी बहला-फुसला कर एक बस में ले गया और उस पर यौन हमला किया.Image copyrightPoulomi BasuImage captionपश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट से एक लड़की का अपहरण कर और बेच दिया गया. उसके साथ जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन पर बलात्कार हुआ. यह वारदात 2014 की है.Image copyrightCJ ClarkeImage captionकोलकाता में एक युवक ने मुंबई की 19 साल की एक लड़की को कथित रूप से नशीला पदार्थ देकर उसके साथ एक पार्क में बलात्कार किया. अगस्त 2012 में जिस पार्क में यह घटना घटी, उसका नाम है, 'लेडीज़ पार्क'.
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