मुंबई । रिटायर्ड जाqस्टस आर एम लोढ़ा के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय समिति भारतीय क्रिकेट वंâट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के संविधान और उसकी कार्यप्रणाली में बदलाव संबंधी सिफारिशों की अंतिम रिपोर्ट चार जनवरी को पेश करेगी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तीन सदस्यीय समिति यह रिपोर्ट उच्च न्यायालय के अलावा बीसीसीआई को भी सौंपेगी। इसके बाद इसे सार्वजनिक किया जा सकता है। इस समिति ने जुलाई में रिपोर्ट पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था और उच्च न्यायालय ने इसके बाद उसकी समयसीमा बढ़ाकर ३१ दिसंबर कर दी थी।
समिति की रिपोर्ट इस मायने में महत्वपूर्ण रहेगी कि शीर्ष अदालत ने इसके सुझावों को बीसीसीआई के लिए बाध्यकारी बताया है। बीसीसीआई ने नये अध्यक्ष शशांक मनोहर ने भी बोर्ड की छवि सुधारने की मुहिम चला रखी है। मनोहर ने कुछ दिनों पहले समिति के सदस्यों से मुलाकात की थी।
इसके अलावा समिति को बीसीसीआई के संविधान और उसकी कार्यप्रणाली में सुधार की सिफारिश करने का दायित्व दिया गया था। इस समिति में रिटायर्ड जज अशोक भान और आरवी रवींद्रन भी शामिल है।
समिति की रिपोर्ट इस मायने में महत्वपूर्ण रहेगी कि शीर्ष अदालत ने इसके सुझावों को बीसीसीआई के लिए बाध्यकारी बताया है। बीसीसीआई ने नये अध्यक्ष शशांक मनोहर ने भी बोर्ड की छवि सुधारने की मुहिम चला रखी है। मनोहर ने कुछ दिनों पहले समिति के सदस्यों से मुलाकात की थी।
इसके अलावा समिति को बीसीसीआई के संविधान और उसकी कार्यप्रणाली में सुधार की सिफारिश करने का दायित्व दिया गया था। इस समिति में रिटायर्ड जज अशोक भान और आरवी रवींद्रन भी शामिल है।
No comments:
Post a Comment