Tuesday, 29 December 2015

चार घंटे में बनेंगी कंपनी, ऑनलाइन होगा पंजीयन

 प्रधानमंत्री १६ जनवरी को पेश करेंगे स्टार्टअप नीति
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में स्टार्टअप वंâपनियों को बढ़ावा देने के लिए १६ जनवरी को स्टार्टअप नीति पेश करेंगे। सूत्रों के मुताबिक इस नीति के बाद कोई भी व्यक्ति कुछ घंटों में ही अपनी वंâपनी का पंजीकरण करा सकता है। नीति आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि नीति में प्रत्येक मंत्रालय को नियत समय के भीतर स्टार्टअप को मंजूरी देनी होगी। वंâपनी वेबसाइट पर फाइल अपलोड करेगी और कुछ ही घंटों में उसे हरी झंडी मिल जाएगी। इससे चार घंटे में वंâपनी शुरू हो सकती है, जबकि अभी ई-कॉमर्स वंâपनी शुरू करने में कम से कम १० दिन लगते हैं। इसमें एक ही स्थान पर सभी तरह की मंजूरियों, कर संबंधी नियमों में बदलाव, वंâपनी बनाने और खत्म करने के आसान नियमों तथा छोटे एवं मझोले उपक्रमों (एसएमई) के लिए सरकारी कोष जैसे प्रावधान हो सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक इसमें स्टार्टअप की स्थापना के लिए कम से कम कागजी खानापूरी करने का प्रावधान भी हो सकता है। नीति को अंतिम रूप देने से पहले सरकार के तमाम विभागों और नीति आयोग के साथ-साथ पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा, स्नैपडील के मुख्य कार्याधिकारी कुणाल बहल और इन्फोसिस के सह-संस्थापक टीवी मोहनदास पई से भी मशविरा किया गया है। नीति में आयकर के नियम भी सरल हो जाएंगे। एक ई-कॉमर्स वंâपनी के एक अधिकारी ने बताया कि आयकर कानून की धारा ७२ के मुताबिक कारोबारी घाटे को आगे ले जाकर आठ साल में पाटा जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई नीति में यह अवधि १२ साल कर दी जाएगी। वित्त मंत्रालय स्टार्टअप परियोजनाओं के लिए कोष बनाना चाहता है, जिससे एसएमई, छोटी ई-कॉमर्स वंâपनियों और विनिर्माण इकाइयों को रकम मिलेगी।

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