इंडियन हॉकी टीम (फाइल फोटो)
शनिवार को शाम 6:30 बजे भारतीय टीम बेल्जियम से टक्कर लेगी। रैंकिंग में भारत छठे और बेल्जियम सातवें नंबर की टीम है, लेकिन बेल्जियम की टीम हाल के दिनों में अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित करती रही है। उससे भी बड़ी बात भारतीय टीम की अपनी मुश्किलें हैं। भारत ने इस टूर्नामेंट के पहले मैच में अर्जेंटीना के हाथों 0-3 से मात खाई, तो अगले मैच में डबल ओलिंपिक चैंपियन जर्मनी को 1-1 की बराबरी पर रोक दिया और फिर इंग्लैंड से जीत हासिल करने से पहले हॉलैंड से 1-3 से मुकाबला गंवा बैठी।
कोच ऑल्टमैन्स कहते हैं कि वो टीम के लगातार एक जैसे प्रदर्शन की गारंटी नहीं दे सकते। ऑल्टमैन्स कहते हैं, "अगर आप ये पूछ रहे हैं कि क्या ये टीम वैसा ही प्रदर्शन दुबारा कर पाएगी जैसा इसने इंग्लैंड के खिलाफ किया, तो मैं इसकी गारंटी नहीं ले सकता।"
इंग्लैंड के खिलाफ वीआर रघुनाथ, तलविन्दर सिंह, युवा खिलाड़ी आमिर खान, रमनदीप और कप्तान सरदार सिंह के साथ पूरी टीम तालमेल बनाकर खेलती रही। जानकार और फ़ैन्स कहते हैं कि इस टीम से इस तरह का प्रदर्शन उन्होंने लंबे वक्त के बाद देखा है।
इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम आखिर में दबाव लेती दिखी, जो उसकी लंबे समय से कमजोरी रही है। बेल्जियम की टीम भारत की इस कमजोरी का फायदा जरूर उठाना चाहेगी।
लेकिन कोच ऑल्टमैन्स मानते हैं कि अगर टीम यहां तक पहुंच गई है तो मेडल हासिल करने की पूरी कोशिश जरूर करेगी। वो कहते हैं, "सेमीफाइनल में पहुंचना अच्छी बात है, लेकिन एक बड़े टूर्नामेंट में पदक जीतने का वक्त आ गया है और ये एक बड़ा टूर्नामेंट है, इसलिए हमारा लक्ष्य मेडल जीतना ही है।
वर्ल्ड हॉकी लीग सेमीफाइनल्स के सेमीफाइनल मुकाबले में बेल्जियम से भारत 0-4 से हार गया था। भारतीय टीम यहां बेल्जियम को हरा पाती है, तो वह बदले के साथ बड़े (टूर्नामेंट के) मेडल की हकदार हो जाएगी।
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