तुर्की के राष्ट्रपति रजप तायीप एर्दोगान ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर को चेतावनी दी है कि रूसी लड़ाकू विमान को गिराए जाने के मुद्दे पर वो "आग से ना खेलें."
टेलीविजन पर दिए गए भाषण में उन्होंने कहा कि पेरिस में पर्यावरण पर हो रहे सम्मेलन के दौरान वे इस मसले को हल करने के लिए राष्ट्रपति पुतिन से आमने-सामने बात करना चाहते थे.
लेकिन एक सहायक ने कहा है कि राष्ट्रपति पुतिन ने मिलने से इनकार कर दिया है, क्योंकि तुर्की विमान वाली घटना के लिए माफी मांगने के लिए तैयार नहीं है.
रूस के विदेश मंत्री के मुताबिक, रूस ने तुर्की के साथ वीज़ा मुक्त व्यवस्था को भी रद्द करने का फैसला किया है.
तुर्की का कहना है कि रूसी जेट उसके हवाई क्षेत्र में था जब उसे निशाना बनाया गया, लेकिन रूस इस बात पर अड़ा है कि जेट सीरियाई हवाई क्षेत्र में था.
राष्ट्रपति एर्दोगान ने कहा, "मैं पेरिस में राष्ट्रपति पुतिन से आमने-सामने मिलना चाहूंगा. मैं इस मसले को एक मुनासिब मोड़ पर लाना चाहता हूं. हम इस बात से परेशान हैं कि ये मसला इतना बढ़ गया."
लेकिन एर्दोगान ये भी कहा कि तुर्की रूस से अपने रिश्तों को बिगाड़ना नहीं चाहता.
बहरहाल रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने चेतावनी दी कि इस घटना से तुर्की के हितों पर गंभीर असर पड़ सकता है.
लावरोव ने कहा कि रूस एक जनवरी से तुर्की के साथ वीज़ा मुक्त यात्रा की व्यवस्था को रद्द कर रहा है.
तुर्की और रूस के बीच मज़बूत आर्थिक संबंध हैं. रूस तुर्की का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है जबकि पिछले साल तीस लाख से ज्यादा रूसी पर्यटकों ने तु्र्की की यात्रा की.
रूस के प्रधानमंत्री दिमित्रि मेदवेदेव ने भी चेतावनी दी कि इस घटना से तुर्की के खाद्य आयात और संयुक्त निवेश कार्यक्रमों पर भी बुरा असर पड़ सकता है.
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