महाराष्ट्र के प्रसिद्ध अखबार 'लोकमत' के तीन कार्यालयों पर रविवार को लोगों ने हमले किए.
‘लोकमत’ की रविवार पत्रिका ‘मंथन’ में छपे एक लेख को लेकर लोगों की भीड़ ने ये हमला किया.
इस पत्रिका में पवन देशपांडे द्वारा लिखे हुए 'इसिसचा पैसा' (आईसिस का पैसा) नामक लेख के साथ एक ग्राफिक छपा था.
इस घटना के बाद कई स्थानों पर पुलिस द्वारा अखबार के कार्यालयों पर संरक्षण दिया गया है.
इस संदर्भ में औरंगाबाद, पुणे और बीड़ में मामले दर्ज किए गए है.
अख़बार ने इस घटना के बाद माफी मांगी है. पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.
इस ग्राफिक में एक पिगी बैंक दिखाया गया था. यह पिगी बैंक सुअर की शक्ल में था और उसके साथ कुछ उर्दू पंक्तियां थीं.
इसको लेकर पांच से छह लोगों ने ‘लोकमत’ के जलगांव स्थित कार्यालय पर दोपहर में हमला किया.
दोपहर में अखबार की ओर से माफी जारी की गई और इसके ऑनलाईन संस्करण हटा दिए गए.
औरंगाबाद के सिटी चौक पुलिस थाने में अखबार के ख़िलाफ मामला दर्ज किया गया है. इस संदर्भ में अभी तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है.
गौरतलब है, कि 'लोकमत' महाराष्ट्र का सर्वाधिक पाठक संख्यावाला समाचारपत्र है और कांग्रेस सासंद विजय दर्डा और पूर्व मंत्री राजेंद्र दर्डा उसके मालिक है.
इस बीच, एमआईएम के विधायक इम्तियाज जलील ने कहा है, कि इस कार्टून के कारण मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत हुई है.
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