लैंगिक समानता के मामले में आपका देश किस स्थान पर है, ये पता करने के लिए नीचे नज़र आ रहे सर्च बॉक्स में अपने देश का नाम टाइप करें.
लैंगिक ग़ैर-बराबरी के ये आंकड़े वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की रिपोर्ट पर आधारित हैं.
ये आंकड़े विभिन्न देशों में राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में महिलाओं की सबसे अधिक संभावित हिस्सेदारी और शिक्षा एवं स्वास्थ्य तक सबसे अधिक पहुंच के आधार पर तैयार किए गए हैं.
स्रोतः वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम, यूनेस्को इंस्टीट्यूट ऑफ़ स्टेटिस्टिक्स, ओईसीडी.
पद्धतिः विश्व भर में लैंगिक असमानता का सूचकांक तैयार करने के लिए वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम ने आर्थिक हिस्सेदारी, अवसर, शिक्षा, स्वास्थ्य, जीवन, अस्तित्व और राजनीतिक सशक्तिकरण से संबंधित दर्जन भर से ज़्यादा आंकड़ों के समूहों का अध्ययन किया.
हर देश में संसाधनों और अवसरों तक पहुंच के मामले में लैंगिक असमानता की गणना कर ये रैंकिंग बनाई गई है.
इस सूची के माध्यम से एकसमान पैमाने पर ग़रीब और धनी देशों की तुलना की जा सकती है.
यह वार्षिक रिपोर्ट फ़ोरम द्वारा तैयार की गई 10वीं रिपोर्ट है और इसमें 145 देशों को शामिल किया गया है.
वेतन में लैंगिक असमानता के आंकड़े आर्गेनाइजेशन फ़ॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट (ओईसीडी) से लिए गए हैं.
हर देश के आंकड़े या तो ताज़ा हैं या 2010-13 के दौरान के हैं.
ओईसीडी द्वारा वेतन में लैंगिक असमानता की गणना आदमियों की औसत आमदनी के मुक़ाबले औरतों की औसत आमदनी के अंतर के आधार पर की गई है. ये आंकड़े केवल पूर्ण कालिक कर्मचारियों के वेतन के आधार पर ही तैयार किए गए हैं.
महिला स्नातकों के अनुपात के आंकड़े यूनेस्को इंस्टीट्यूट ऑफ़ स्टैटिस्टिक्स से लिए गए हैं.
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