- 4 घंटे पहले
पेरिस में पिछले शुक्रवार को हुए बड़े हमले के बाद से जिस तरह के हालात हैं, उससे शहर में चिंता का माहौल है. पेरिस में बसा एशियाई समुदाय भी इससे अछूता नहीं है
भारत का भी एक बड़ा समुदाय फ्रांस में रहता है.
हमले के बाद उन भारतीयों का जीवन कैसे प्रभावित हुआ है ये जानने के लिएबीबीसी ने भारतीय समुदाय के कुछ लोगों से बात की.
36 सालों में सबसे बड़ा हमलाः गुरुदयाल
सिख समुदाय के गुरुदयाल सिंह 36 सालों से पेरिस में रहते है और प्रॉपर्टी से जुड़ा हुआ काम करते हैं.
वे कहते हैं, "मैंने 36 सालों में इतना बड़ा हमला नहीं देखा. उन लोगों ने ऐसी जगहों पर हमले किए है जहां से सरकार को कोई लेना-देना नहीं है. वैसे तो हमें किसी बात का डर नहीं है और हमारे रिश्ते सबसे बहुत अच्छे हैं. लेकिन सिख दाढ़ी और पगड़ी पहनते हैं. इस वजह से लोग कभी-कभी सोच लेते हैं कि ये लादेन से जुड़े हैं. जिनकों सिखों के बारे में पता नहीं वे उनको लादेन से जोड़ कर देखने लगते हैं."
गुरुदयाल सिंह ने बताया कि सिख समुदाय के लोगों ने हमले के बाद ज़रूरतमंद लोगों के लिए पुलिसवालों से बात करके गुरुद्वारे में खाने और रहने की व्यवस्था कर रखी थी और सिख टैक्सीवाले ने भी जहां-तहां फंसे हुए लोगों की मदद की.
कारोबर पर असर: अरविंद अहीर
पेरिस में गांधी जी नाम का रेस्तरां चलाने वाले अरविंद अहीर पेरिस में 25 सालों से रह रहे हैं.
वो बताते हैं कि भारतीय समुदाय के लिए कोई टेंशन की बात नहीं है लेकिन हमले के बाद दहशत का माहौल ज़रूर है.
अरविंद ने बताया, "लोग बाहर निकल नहीं रहे हैं. बस इससे हमारे बिज़नेस पर गंभीर असर पड़ा है. जब लोग आएँगे ही नहीं बाहर तो हमारे धंधे पर असर पड़ेगा ही. अब तो विदेशी पर्यटकों का आना भी फिलहाल कम हुआ है. "
आने वालों को होगी परेशानीः डॉ जगदीश बैरी
डॉक्टर जगदीश बैरी करीब 15 साल से पेरिस में बसे हैं और फ्रांस सरकार में बतौर वैज्ञानिक काम करते हैं.
अपनी बात वे कुछ यूँ रखते हैं, "हिंदुस्तान में मेरा जन्म हुआ और मैं हिंदुस्तानी हूँ. दूसरी तरफ़ फ्रांस को हम दूसरी मां का दर्जा देते हैं. इसलिए दोनों देशों में से कहीं भी कुछ हो तो हमें दुख पहुंचता है."
पेरिस में हुआ हमला दूसरे विश्व युद्ध के बाद शायद ये सबसे बड़ा नुक़सान है. इस तरह की घटना जनवरी में हुई थी फिर अभी हुई.
वे कहते हैं कि विदेशियों के लिए फिलहाल थोड़ी समस्या हो सकती है और वीज़ा मिलने में मुश्किल या देरी हो सकती है. लेकिन दीर्घकालिक समस्या नहीं होगी.
उनका मानना है कि सालों से फ्रांस में सभी देशों के लोग शांति से रह रहे हैं और उम्मीद है कि ऐसा ही रहेगा.
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