रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इन दावों की जांच के आदेश दिए हैं कि रूसी एथलीट सोचे समझे तरीके से चलाए जा रहे एक डोपिंग कार्यक्रम का हिस्सा थे.
सोमवार को वर्ल्ड एंटी डॉपिंग एजेंसी (वाडा) के स्वतंत्र आयोग ने रूस के एथलीट्स को लेकर चौंकाने वाले दावे किए.
इस पर अपनी टिप्पणी में पुतिन ने कहा कि वह चाहते हैं कि एंटी डॉपिंग संस्थाओं के साथ पेशेवर तरीके से सहयोग किया जाए.
पुतिन ने कहा, "लड़ाई खुली होनी चाहिए. खेल का मुक़ाबला तभी मज़ेदार होता है, जब ईमानदारी से खेला जाए."
सोची में खेल अधिकारियों के साथ बैठक से पहले पुतिन ने अपने खेल मंत्री और खेलों से जुड़े अपने सहयोगियों से इस मामले पर सबसे अधिक ध्यान देने को कहा.
उन्होंने कहा, "यह आवश्यक है कि हम अपनी आंतरिक जांच करें."
उधर रूस के खेल मंत्री विताली मुतको ने कहा कि रूस की तुलना में ब्रिटेन की एंटी डॉपिंग प्रणाली का कोई महत्व नहीं है और वो रूस से भी ख़राब है.
उधर एथलीट गर्वनिंग बॉडी के अध्यक्ष लॉर्ड कोए ने बताया कि आईएएएफ ने रूस के एथलेटिक संघ को वाडा की रिपोर्ट पर शुक्रवार तक जवाब देने को कहा है.
रिपोर्ट जारी करने वाले डिक पाउंड ने रूस के एथलीट्स को रियो डे जेनरियो में अगले साल होने वाले ओलंपिक खेलों से निलंबित रखने की सिफारिश की है.
लेकिन अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (आईओसी) के अध्यक्ष थॉमस बाख ने बुधवार को कहा कि उनके संगठन को इस तरह की कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है और ये केवल आईएएएफ का मामला है.
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