बीजिंग। चीन और भारतीय सेना की अगर तुलना की जाए तो फिर चीन, भारत से एक कदम आगे ही नजर आता है। अब चीन ने भारत की चिंताओं को दोगुना करने का इरादा कर लिया है। चीन करीब एक दशक बाद अपनी सेनाओं का रंग रूप बदलेगा। चीन ने अपनी सेनाओं का और मॉर्डन करने की तैयारी कर ली है। गुरुवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस बाबत एक खास ऐलान किया। साफ है कि चीन के इस कदम से भारत को थोड़ा परेशान होने की जरूरत है। राष्ट्रपति जिनपिंग ने सेनाओं का हर पर जंग के लिए तैयार रहने का भी आदेश दिया है। जहां एक ओर भारत की सेना बुनियादी कमियों से जूझ रही है तो वहीं चीन अपनी सेनाओं का मॉर्डन करने की ओर बढ़ रहा है। चीन की सेना अमेरिका के बाद दुनिया की सबसे बड़ी सेना है। इसकी ताकत भारतीय सेनाओं की तुलना में दोगुनी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति के नए प्लान में चीन की सत्ताधारी कम्यूनिस्ट पार्टी की सेनाओं पर पकड़ मजबूत करने से जुड़े नए प्रस्ताव भी शामिल हैं। 2.3 मिलियन से भी ज्यादा सदस्यों वाली चीन की सेना के लिए जिनपिंग ने 'सही राजनीतिक दिशा' और कम्यूनिस्ट पार्टी को सेनाओं की पूरी कमान सौंपने की बात कही है। चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, जिनपिंग ने चीन की सेना की सभी शाखाओं को एक साथ लाकर एक ज्वाइंट ऑपरेशनल मिलिट्री कमांड बनाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने वर्ष 2020 तक चीन को इलीट कॉम्बेट फोर्स तैयार करने पर जोर दिया है। नई योजना के तहत चीन के चार स्ट्रैटजिक जोन में मौजूद सात मिलिट्री रीजन को फिर से संगठित किया जाएगा। चीन अपनी सेनाओं को सोवियत यूनियन आर्मी की तर्ज पर आधुनिक बनाना चाहता है।
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