Thursday, 10 December 2015

'हेडली के अमरीका में सज़ा पर असर नहीं'

मुंबईImage copyrightAFP
मुंबई पर 26/11 हमलों के अभियुक्त पाकिस्तानी मूल के अमरीकी चरपमंथी डेविड कोलमैन हेडली को मुंबई की अदालत ने गवाह बनने के बदले कुछ शर्तों पर माफ़ी दे दी है.
स्थानीय पत्रकार अश्विन अघोर के मुताबिक, हेडली को अमरीका से मुंबई की अदालत में गुरुवार शाम वीडियो लिंक के ज़रिए पेश किया गया था जहां हेडली ने गवाह बनने के बदले माफ़ी की मांग की थी.
अदालत ने हेडली को माफ़ी देते हुए कहा है कि उसे मुंबई हमलों में अपनी और अन्य साज़िशकर्ताओं की भूमिका के बारे में भी बताना होगा.
इस मामले में सरकारी वकील उज्जवल निकम का कहना है, ''हेडली सरकारी गवाह बन गया है. अदालत ने उसे माफ करने का फैसला किया है क्योंकि उसकी गवाही से कई तथ्यों की जानकारी मिलेगी. इस मामले में अगली सुनवाई अगले साल आठ फ़रवरी को होगी.''
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, "डेविड हेडली को मुंबई हमलों के सिलसिले में 11 मामलों में अभियुक्त बनाया गया है जिसे हेडली ने स्वीकार किया है."
डेविड हेडली का कहना था, ''मैं इन अपराधों में अपनी भूमिका स्वीकार करता हूं. मैं अदालत में गवाह के तौर पर हाज़िर होने के लिए भी तैयार हूं.''
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हेडली ने कहा, ''अगर अदालत से मुझे माफ़ी मिले तो मैं इस पूरी घटना के संबंध में सवालों का जबाव देने के लिए तैयार हूं.''
मुंबई हमलों के लिए हेडली को अमरीकी अदालत पहले ही दोषी पाकर 35 साल कैद की सज़ा सुना चुकी है.
अमरीका में डेविड हेडली के वकील जॉन थाईस ने भी इस बात की पुष्टि की है कि डेविड हेडली वीडियो लिंक के ज़रिए अदालत में पेश हुए.
बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता ब्रजेश उपाध्याय से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हेडली अब तक जो कह चुके हैं उसके आगे कुछ नई बात कहेंगे, उन्हें उसकी उम्मीद नहीं है.
थाईस का कहना था कि हो सकता है भारतीय अधिकारी उनसे अबू जंदाल के बारे में और जानना चाहें. जंदाल को मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड होने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.
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हेडली के वकील का कहना था कि उन्होंने जब अमरीका में अपना जुर्म स्वीकार किया था उसी वक्त उन्होंने आगे किसी पूछताछ में अमरीकी और विदेशी अधिकारियों के साथ सहयोग करने की रज़ामंदी दे दी थी.
वकील का कहना था,"अगर वो वीडियो लिंक के ज़रिए नहीं पेश होते तब वो उस करारनामे का उल्लंघन होता जिसके लिए उन्होंने अमरीकी सरकार के सामने हामी भरी थी."
गुरूवार की इस पेशी से अमरीका में उनकी सज़ा पर कोई असर नहीं होने जा रहा है.
मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए हमलों में लगभग 170 लोग मारे गए थे. भारत ने एक पाकिस्तानी हमलावर अज़मल कसाब को पकड़ लिया था, जिसे बाद में फांसी दे दी गई.
हेडली अमरीकी सुरक्षा एजेंसियों और अदालत के सामने पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि उन्होंने कई बार मुंबई का दौरा किया था और ये दौरे मुंबई हमलों की योजना से जुड़े थे.

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