Wednesday, 23 December 2015

है दम.. ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराने का?

कपिल देव
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होने वाली एकदिवसीय और ट्वेंटी-20 सिरीज़ के लिए भारतीय खिलाड़ियों की सोच ऐसी होनी चाहिए कि हमें ट्वेंटी-20 विश्व कप से पहले अभ्यास का बेहतरीन अवसर मिला है.
हर निर्णय सही नहीं होता, लेकिन सोच सही होनी चाहिए. यह मानना है भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव का.
भारत के पूर्व स्टाइलिश बल्लेबाज़ वीवीएस लक्ष्मण कहते हैं, ''पहले जब भी हम विदेशी ज़मीन पर खेलने जाते थे, तो हमेशा रक्षात्मक रवैया अपनाते थे. विराट कोहली के कप्तान बनने के बाद हालात बदले हैं. अब भारतीय टीम नाकामी से डरती नहीं है.''
कोहलीImage copyrightReuters
वे बताते हैं, ''पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सबने देखा कि विराट एडीलेड में जीतने के लिए उतरे. यह सकारात्मक बदलाव है. मुझे लगता है कि टीम इसी रवैये के साथ उतरेगी.''
उनका कहना है कि खिलाड़ी जानते हैं कि 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम ने क्या किया था. तब भारत ने दक्षिण अफ्रीका में हुआ पहला ट्वेंटी-20 विश्वकप क्रिकेट टूर्नामेंट जीता था.
कपिल देव और वीवीएस लक्ष्मण बुधवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बात कर रहे थे.
कपिल देव वीवीएस लक्ष्मण
धोनी को लेकर कपिल देव ने कहा कि वह दुनिया के सबसे अनुभवी कप्तान हैं. उनकी कप्तानी में भारत टेस्ट क्रिकेट में दुनिया की नंबर एक टीम बनी. ट्वेंटी-20 और एकदिवसीय विश्व कप भी जीता. उन्होंने सब कुछ अर्जित किया है.
कपिल देव कहते हैं कि उनके समय में टीम इतनी निडर नहीं थी. उन्होंने भारतीय क्रिकेट में बदलाव का श्रेय पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को दिया.
सौरव गांगुलीImage copyrightGetty
वे कहते हैं, ''उसके बाद भारतीय खिलाड़ियों में विरोधी की आंख में आंख डालकर देखने का साहस आया.''
तो क्या इस टीम में ऑस्ट्रेलिया को हराने का दम है?
इस पर लक्ष्मण कहते हैं, ''दम तो है. इसका बड़ा कारण यह भी है कि उनके पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क और तेज़ गेंदबाज़ मिचेल जॉनसन संन्यास ले चुके हैं. जॉनसन के लिए तो पिछले कुछ साल से खेलना ही मुश्किल था. इसके अलावा मिचेल स्टार्क चोटिल हैं.''
वीवीएस लक्ष्मण
लक्ष्मण के मुताबिक़ विश्वकप के बाद विराट कोहली का प्रदर्शन टेस्ट क्रिकेट में तो ठीक रहा पर एकदिवसीय में उन्हें निरंतरता की ज़रूरत है.
वह दौरे से पहले चल रहे घरेलू क्रिकेट को खिलाड़ियों के लिए अच्छा मानते हैं. उनका कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में विकेट अलग होंगे पर आप इसका बहाना नहीं ले सकते.
लक्ष्मण ने अजिंक्य रहाणे को एकदिवसीय का बेहतरीन खिलाड़ी बताया. आशीष नेहरा की वापसी पर वे कहते हैं कि नेहरा शुरुआती दो ओवर और फिर डेथ ओवर यानी आख़िरी ओवर में बेहतरीन गेंदबाज़ी करते हैं.
युवराज सिंहImage copyrightPTI
युवराज सिंह की वापसी पर कपिल का कहना था कि वे मैच विजेता खिलाड़ी हैं. उनमें दर्शकों को स्टेडियम में लाने की क्षमता है.
अगर वह अपना भरोसा हासिल कर लेते हैं, तो वह ट्वेंटी-20 विश्व कप में नंबर छह पर बेहद उपयोगी साबित होंगे.
लक्ष्मण के मुताबिक़ सुरेश रैना एकदिवसीय के भी अच्छे खिलाड़ी हैं, पर जब रन रेट 8-9 हो तो तेज़ बल्लेबाज़ी करना इतना आसान नहीं है और यह उनके लिए सीखने का मौक़ा है.

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