Saturday, 5 December 2015

'विषम नंबर वाली कार है, ऑफिस नहीं आ सकता'

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दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिए दिल्ली सरकार की ‘ऑड इवन नंबर’ योजना की सोशल मीडिया पर जमकर खिंचाई हो रही है.
केजरीवाल सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि एक जनवरी से सम और विषम संख्या वाले नंबर प्लेट के निजी वाहन सड़कों पर वैकल्पिक दिन ही चल सकेंगे.
सरकार की योजना के अनुसार पहले दिन आखिर में 1, 3, 7, 9 और दूसरे दिन 0, 2, 4, 6 और 8 नंबर की गाड़ियां चलेंगी.
यानी कोई भी निजी वाहन महीने में 15 दिन से अधिक नहीं चल पाएगा.
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केजरीवाल सरकार के इस फैसले पर सोशल मीडिया में जमकर चुटकियां ली जा रही हैं. कई लोगों का कहना है कि इस फ़ैसले से अमीरों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वे एक और कार ख़रीद लेंगे.
वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने ट्वीट किया, “ये आइडिया पश्चिमी देशों से चुराया गया है. कई कार रखने वाले अमीर मुस्कराएंगे, एक कार रखने वाले मध्यवर्ग पर इसका असर पड़ेगा.”
प्रदीप ने @pradeepchat पर लिखा, “आप विषम नंबर प्लेट की कार से किसी दिन दिल्ली से बाहर जा सकते हैं, लेकिन अगले दिन उसी कार से लौट नहीं सकते.”
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एक यूजर बब्बर ने ट्वीट किया, “अब मैं अपने बॉस से कह सकता हूँ कि मेरे पास विषम नंबर प्लेट वाली कार है, इसलिए मैं इन दिनों ऑफिस नहीं आ सकता.”
गीता शर्मा ने ट्वीट किया, “केजरीवाल को अब खांसी का संक्रमण रोकने के लिए एक दिन छोड़कर खांसना चाहिए.”
राजेश तिवारी ने ट्वीट किया, “मैं अपने ड्राइवर को 12,000 रुपए तनख्वाह देता हूँ. वो अब महीने में 15 दिन ही काम करेगा. मुझे क्या करना चाहिए, क्या उसे नौकरी से निकाल देना चाहिए?”
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केजरीवाल के इस कदम को सराहने वालों की भी कमी नहीं है.
पुलकिल शर्मा ने ट्वीट किया, “मैं दिल्ली मे रहता हूँ. कार का मालिक हूं और इस फैसले पर केजरीवाल के साथ हूं.”
सिद्धार्थ मजूमदार ने लिखा, “दिल्ली के 75 प्रतिशत लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं. फिर बाकी लोगों से ऐसा करने को कहा जाता है तो इतना शोर-शराबा क्यों?”

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