ब्रिटेन की एक आर्थिक संस्था की रिपोर्ट के मुताबिक़ चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट को हर महीने क़रीब आठ करोड़ डॉलर यानी लगभग 530 करोड़ रूपए की आमदनी होती है.
आईएचएस इंक संस्था ने कहा है कि आईएस की आधी आमदनी उसके क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में वसूले गए कर और ज़ब्त की गई संपत्ति से मिलती है.
आईएस की आमदनी का एक बड़ा हिस्सा तेल के व्यापार से आता है.
आईएस को तेल के व्यापार से 43 फ़ीसदी और बाक़ी आमदनी नशीले पदार्थों की तस्करी, पुरातन वस्तुओं की तस्करी, आपराधिक गतिविधि और चंदे से मिलती है.
रिपोर्ट के मुताबिक़ आईएस को विदेशी स्रोत से काफ़ी कम आर्थिक मदद मिलती है.
पेरिस हमलों के बाद आईएस को मिलने वाली आर्थिक मदद पर शिकंजा कसने की रणनीति पर कई देशों ने ज़ोर दिया था.
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