Thursday, 26 November 2015

MILK मैन ऑफ इंडिया' ने बहाई थीं दूध की नदियां, पर खुद नहीं पीते थे दूध

देश में श्वेत क्रांति के जनक थे डॉ. वर्गीस कुरियन।
देश में श्वेत क्रांति के जनक थे डॉ. वर्गीस कुरियन।

नई दिल्ली. देश में श्वेत क्रांति के जनक वर्गीस कुरियन की आज 94वीं जयंती है। सर्च इंजन गूगल ने अपने डूडल के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। कुरियन को मिल्क मैन ऑफ इंडिया के रूप में जाना जाता है, वे अमूल के फाउंडर भी थे। फिल्मकार श्याम बेनेगल ने कुरियन पर एक फिल्म 'मंथन' बनाई थी। शुरुआत में बेनेगल को कोई फाइनेंसर नहीं मिला, इसके बाद बंगाल के 5 लाख किसानों ने 2-2 रुपए कर फंड जुटाया और ट्रकों में सवार होकर लाखों किसान इस फिल्म को देखने पहुंचे थे। कम ही लोग जानते हैं कि ‘मिल्क मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर कुरियन खुद दूध नहीं पीते थे। उन्हें दूध अच्छा नहीं लगता था।
किसी दौर में दूध की कमी से जूझने वाले भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बनाने का श्रेय उन्हें जाता है। वर्गीज कुरियन ने देश में श्वेत क्रांति की शुरुआत की। 1965 में तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने कुरियन को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) का प्रेसिडेंट बनाया था।
वर्गीस कुरियन के बारे में अहम FACTS
> 26 नवंबर, 1921 को कुरियन का जन्म केरल के कोझिकोड में हुआ था।
> कुरियन ने शुरुआती पढ़ाई करने के बाद मद्रास यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की थी।
> दूध उत्पादन में कुरियन के योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण सम्मान दिया।
> कम्युनिटी लीडरशिप के लिए मैग्सायसाय अवॉर्ड और अमेरिका के इंटरनेशनल पर्सन ऑफ द ईयर सम्मान मिला।
> भैंस के दूध से पहली बार पाउडर बनाने का श्रेय भी कुरियन को जाता है। दुनिया में पहली बार गाय के दूध से पाउडर बनाया।
> ‘मिल्क मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से मशहूर कुरियन खुद दूध नहीं पीते थे। उन्हें दूध अच्छा नहीं लगता था।
> 9 सितंबर 2012 को गुजरात के नाडिआड में कुरियन का निधन हो गया।

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