Wednesday, 4 November 2015

राजनीतिक संकट पर भारत ने यूएन में नेपाल को सुनाई खरी-खरी

जिनेवा। नेपाल में जारी राजनीतिक संकट के बीच भारत ने अपने पड़ोसी से सभी वर्गों का ‘समावेश कर’ संविधान निर्माण को मजबूत बनाने की बात कही। साथ ही इस बात पर बल दिया कि उसके सामने जो समस्याएं हैं, उनका बलप्रयोग से हल नहीं हो सकता।
भारत ने बुधवार को यूनीवर्सल पीरियोडिक रिव्यू वर्किंग ग्रुप के 23वें सत्र में अंतरसंवाद वार्ता में कहा कि हम उस देश में हिंसा, न्यायेत्तर हत्याओं और जातीय भेदभाव की जारी घटनाओं पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निकाय, संयुक्त राष्ट्र देश टीम और नेपाल के अपने मानवाधिकार आयोग की चिंताओं से इत्तेफाक रखते हैं।
राजनीतिक संकट पर भारत ने यूएन में नेपाल को सुनाई खरी-खरी
नेपाल में जारी राजनीतिक संकट के बीच भारत ने बुधवार को अपने पड़ोसी से सभी वर्गों का ‘समावेश कर’ संविधान निर्माण को मजबूत बनाने की बात कही।
भारत ने कहा कि हम नेपाल सरकार ने उनकी जांच करने और उनकी पुनरावृति रोकने के लिए भरोसेमंद उपाय करने की अपील करते हैं। नेपाल के सामने जो समस्या हैं, वे राजनीतिक है और उनका हल बलप्रयोग या सुरक्षा आधारित पहल से नहीं किया जा सकता। उसने कहा कि बतौर घनिष्ठ मित्र और पड़ोसी के रुप में उसने नेपाल से वार्ता और सुलह से सभी चुनौतियों का हल करने की अपील की है। नेपाल के तराई क्षेत्र में रहने वाले भारतीय मूल के मधेसी नये संविधान में अपने पैतृक होमलैंड के विभाजन का विरोध कर रहे हैं।

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