अमरीका के एक स्कूल में घड़ी को बम समझे जाने पर गिरफ़्तार किए गए 14 साल के अहमद मोहम्मद ने अपने पूर्व स्कूल और शहर प्रशासन से डेढ़ करोड़ डॉलर का हर्जाना मांगा है.
अहमद मोहम्मद अपनी बनाई घड़ी टैक्सस के अपने स्कूल में शिक्षक को दिखाने लाया था.
इस घड़ी को शिक्षक ने बम समझ लिया जिसके बाद स्कूल ने उसे गिरफ़्तार करवाया था और स्कूल से निलंबित कर दिया था.
अहमद के वकील के मुताबिक़ इस घटना को लेकर वह सदमे में है.
वहीं अहमद का परिवार, उसकी पढ़ाई पूरी कराने के लिए क़तर चला गया है.
अहमद के वकील ने शहर प्रशासन से एक करोड़ डॉलर और स्कूल से 50 लाख डॉलर की मांग की है.
वकीलों के मुताबिक़ अगर स्कूल ने 60 दिन में ये रक़म न दी तो वो अदालत जाएंगे.
एक चिट्ठी में अहमद के वकीलों ने कहा, "पुलिस घड़ी देखते ही समझ गई थी कि ये ख़तरनाक नहीं है, फिर भी अहमद के साथ ऐसा बर्ताव किया गया. इसके पीछे उनकी जाति, राष्ट्रीय मूल और धर्म ही वजह हैं.''
अहमद की गिरफ़्तारी का सोशल मीडिया पर काफ़ी विरोध हुआ था.
बाद में अहमद को व्हाइट हाउस बुलाया गया था और उन्हें टाइम मैग्ज़ीन ने 2015 के 30 सबसे 'प्रभावशाली किशोर' की सूची में शामिल किया था.
No comments:
Post a Comment