Wednesday, 25 November 2015

विपक्ष सवाल पूछने, सरकार जवाब देने को तैयार

मुख़्तार अब्बास नक़वीImage copyrightPIB
संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो चुका है. विपक्ष ने असिहिष्णुता के मामले पर चर्चा के लिए लोकसभा और राज्यसभा में नोटिस दिया है. इसे देखते हुए मॉनसून सत्र की तरह इस सत्र के भी हंगामेदार होने के आसार दिख रहे हैं.
संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी कहते हैं कि विपक्ष के तेवर भले तल्ख़ हों, उसका कलेवर रचनात्मक होना चाहिए.
उनका कहना था कि सदन को सुचारू रूप से चलाने में विपक्ष की भूमिका अहम होती है. विपक्ष अगर कुछ सवालों के साथ सदन में आता है, तो इससे सरकार को कोई आपत्ति नहीं, क्योंकि सवालों के जवाब देना उसका कर्तव्य है.
नक़वी के मुताबिक़ सत्र से पहले सरकार ने विपक्षी पार्टियों से अलग-अलग बात की है. सर्वदलीय बैठक में भी तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई. सत्र को कामकाजी बनाने और सुचारू रूप से चलाने पर आम सहमति बनी है.
अपने पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कांग्रेस सांसद दीपेंदर सिंह हुड्डा.Image copyrightOther
वहीं कांग्रेस सांसद दीपेंदर हुड्डा कहते हैं कि कांग्रेस सकारात्मक और जागरूक विपक्ष की भूमिका निभाएगी.
उन्होंने कहा कि इस वक़्त कई महत्वपूर्ण मुद्दे देश के सामने हैं. विपक्ष सरकार से इन मुद्दों पर जवाब मांगेगा और चाहेगा कि सरकार देशवासियों को सभी मुद्दों पर जवाब दे.
हुड्डा कहते हैं कि भाजपा के कई नेताओं की टिप्पणियों से देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश की जा रही है.
उनके मुताबिक़ ऐसे बयानों से सद्भाव को ठेस पहुंचती है. भाईचारे पर ऐसा प्रहार नहीं किया जा सकता. देश की जनता ऐसे बयानों पर सरकार का पक्ष जानना चाहती है.
सत्र के पहले दो दिन 26-27 नवंबर को संसद की विशेष बैठक होगी. इसमें देश की संवैधानिक प्रतिबद्धता पर चर्चा होगी.
संविधान का मसौदा बनाने वाली समिति के प्रमुख बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अांबेडकर की इस साल 125वीं जयंती है.

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